Tuesday 24 August 2010

जो कष्ट से मरे वह कस्टमर !

अंग्रेज़ी के कस्टमर (customer) शब्द का  अगर हम हिन्दी वाले ज़रा तोड़- फोड़ कर  अर्थ निकालें , तो  आज के समय में सौ करोड़ से भी ज्यादा आबादी वाले हमारे देश की आम जनता पर वह बिल्कुल फिट बैठता दिखेगा . अंग्रेज़ी में 'कस्टमर ' शब्द  का आशय होता है -ग्राहक और हिन्दी में अगर इस शब्द  पर आज के माहौल में विचार करें , तो हमें लगेगा कि अंग्रेजों की डिक्शनरी में यह शब्द काफी सोच-समझ कर डाला गया है. मेरे ख्याल से  ' कस्टमर ' वह जो कष्ट से मरे. महंगाई  डायन की दहशत और  बढ़ती कीमतों के हंटर से  बेचारा गरीब ग्राहक,  देखिए ! कैसे  कष्ट से मरा जा रहा है !  दाल, चावल , गेहूं  ,शक्कर . डीजल , पेट्रोल से लेकर इंसान को ज़िंदा रखने वाली दवाईयां भी   ' महंगाई  डायन ' की भेंट चढ़ रही है. जिन महाप्रभुओं पर ' महंगाई डायन ' को रोकने की जवाबदारी है, वे तो अपनी मासिक  तनख्वाह डेढ़ लाख रूपए तक पहुंचा कर अपने लिए हर प्रकार की  सुख -सुविधा का बेहतर बंदोबस्त करते जा रहे हैं ,जबकि आम जनता के लिए  रोटी ,कपड़ा और मकान ,सबकी कीमतें सातवें आसमान पर हैं .  ऐसे में कस्टमर याने कि बेचारा  ग्राहक , मेरा मतलब हम और आप किसी दुकान  की सीढी पर कष्ट से मरकर  अंग्रेज़ी के 'कस्टमर'  शब्द को सार्थक न बनाएं तो क्या करें  ?  हमें   'कस्टमर ' शब्द का आविष्कार करने वाले को और उसे अंग्रेज़ी के शब्दकोष में डालने वाले को धन्यवाद  देना चाहिए, जिन्होंने हम जैसे खस्ताहाल ग्राहकों  को  यह शब्द 'उपाधि ' के तौर पर उपहार में दिया.  आप कुछ कहना चाहेगें / चाहेंगी ?
                                                                                                                                       स्वराज्य करुण
                                                                                                                    

12 comments:

  1. हा हा हा बहुत बढिया
    कष्ट से मर रहे लोग कफ़न की जरुरत है।
    दब रहे कर्ज में लोग दफ़न की जरुरत है।

    कस्टमर शब्द की उम्दा व्याख्या की है आपने
    बहुत बहुत आभार-श्रावणी पर्व की शुभकामनाएं।

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  2. महंगाई पर शब्द संधान सटीक रहा !



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  3. कस्टमर के लिए कस्टमार (संकट मोचक ) चाहिए ..

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  5. सही लिखा है कष्ट से मरने वाला कस्टमर ..जैसे जो पेशंट रहे खर्चे में दर्द को सहने में वो पेशंट ...

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  6. जो आपने लिखा है सही लिखा है कस्टमर का दर्द कस्टमर ही समझ सकता है खास कर कष्ट का एहसास उन्हें ज़्यादा होता है जो बिग बाज़ार और स्पेन्सर्स हाइपर जैसे मार्केट से खरीददारी करते हैं।

    सादर

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  7. वाह आपने तो बिल्कुल सही अर्थ निकाला है।

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  8. बहुत ही बढि़या ।

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  9. चलिए हम भी आज से आपके कष्ट मर हो गए.

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  10. कष्टमर एक महामारी ...जो परा देश पर भारी ....इसका है वह शिकारी .....जिसका है जेब खाली ......!!!

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