Tuesday, April 15, 2014
लोकतंत्र इसी का नाम है !
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बदनामी कोई नहीं चाहता . इंसान अपनी आजीविका के लिये चाहे छोटा-बड़ा कोई भी काम क्यों न करता हो, समाज में हर इंसान की दिली इच्छा होती ह...
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Saturday, April 12, 2014
मौसमी यारों का मौसम !
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-स्वराज्य करुण ...
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Tuesday, April 8, 2014
सार्वजनिक संचार कम्पनी को जिन्दा चबा जाने की साजिश !
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-- स्वराज्य करुण बी.एस.एन.एल दफ्तर के बाहर ...
Monday, October 14, 2013
(कविता ) दिखावे का दंगल !
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शरद में भी आ गया गरजता बरसता सावन कैसे जलेगा और मरेगा ...
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Wednesday, October 9, 2013
(गज़ल ) कौन किसे दे रहा इन्साफ आज-कल !
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सब कुछ है तेरे सामने साफ़ आज-कल , कौन किसे दे रहा इन्साफ ...
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पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म 'कहि देबे संदेस' : जिसने दिया समता का संदेश
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Tuesday, October 8, 2013
आर्थिक भ्रष्टाचार का भयानक नमूना :लागत मूल्य की गोपनीयता
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- स्वराज्य करुण आर्थिक ...
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