Thursday, May 23, 2013
जहाँ भी देखो बैनर -पोस्टर !
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दूर -दूर तक नज़र न आए मंज़र क्यों बहारों के जहाँ भी देखो बैनर -पोस्टर केवल ठेकेदारों क...
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Sunday, January 6, 2013
दुष्कर्म ...दुष्कर्म ...और दुष्कर्म !
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दुष्कर्म ....दुष्कर्म ...और दुष्कर्म ... ! इन दिनों देश की चारों दिशाओं में घूम फिर कर यही एक शब्द बारम्बार गूँज रहा है ....
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Sunday, December 2, 2012
कितनी होनी चाहिए भौतिक विकास की गति ?
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भोपाल की भयानक गैस त्रासदी के अट्ठाईस साल तीन दिसम्बर को पूरे हो रहे हैं . सन 1984 की यही वह दिल दहला देने वाली तारीख थी जब अमे...
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Thursday, October 11, 2012
शानदार व्यवसाय !
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लोकतंत्र में राजनीति अब शानदार व्यवसाय ! ...
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Sunday, September 30, 2012
रूपये तो पेड़ों पर ही लगते हैं सरदार जी !
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चिल्हर संकट के कारण पैसा तो बाज़ार से कब का गायब हो चुका है . अब तो रूपए का जमाना है .इसलिए सरदार जी को कहना ही था तो कहते कि रूपए पेड़ प...
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Saturday, September 29, 2012
( कविता ) आठ हजार की थाली !
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जनता के पैसों से खाते आठ हजार की थाली ! अखबारों में पढकर यह...
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Wednesday, September 19, 2012
प्रभु ! कैसे करें आपका स्वागत ?
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विद्या और बुद्धि के देवता हे गणेश जी महाराज ! आपका आगमन ऐसे नाजुक समय में हो रहा है जब यह देश मानव शरीरधारी अपने भाग्य विध...
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